अलीगढ़ में ऑडी कार से कुचलकर युवक की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम रजिस्टर्ड बताई जा रही कार
बन्नादेवी थाना क्षेत्र में 20 अक्टूबर को हुई घटना ने लिया नया मोड़, हॉर्न बजाने और रास्ता देने को लेकर विवाद के बाद मनोज को कार से कुचलने का आरोप, परिजनों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
अलीगढ़, 22 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में ऑडी कार की चपेट में आने से युवक मनोज की मौत का मामला अब गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में आ गया है। थाना बन्नादेवी क्षेत्र में 20 अक्टूबर को हुई इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि मनोज की मौत कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं थी, बल्कि रास्ता देने और हॉर्न बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद उसे जानबूझकर कार से कुचला गया।
इस मामले में राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों के अनुसार, हादसे में शामिल ऑडी कार भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। हालांकि, वाहन के स्वामित्व, घटना के समय चालक की पहचान और किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
रास्ता देने और हॉर्न बजाने को लेकर हुआ था विवाद
मृतक मनोज के पिता गुड्डू सिंह और भाई कल्याण सिंह के मुताबिक, 20 अक्टूबर को मनोज अपनी बाइक से जा रहा था। इसी दौरान रास्ता देने और हॉर्न बजाने को लेकर ऑडी कार में सवार लोगों से उसकी कहासुनी हो गई।
परिजनों का आरोप है कि इस विवाद के बाद कार सवार लोगों ने मनोज की बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद कार से उसे कुचल दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिवार का दावा है कि घटनाक्रम को देखते हुए यह सामान्य दुर्घटना नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के बाद जानबूझकर मनोज को निशाना बनाया गया।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मनोज की मौत से परिवार में मातम
ऑडी कार की चपेट में आने से मनोज की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पिता गुड्डू सिंह और भाई कल्याण सिंह का कहना है कि परिवार को न्याय चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
परिजनों ने मांग की है कि पुलिस घटनाक्रम की पूरी जांच करे और यह पता लगाए कि विवाद के बाद आखिर किन परिस्थितियों में कार ने मनोज को टक्कर मारी।
परिवार ने आशंका जताई है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आ पाएंगे।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम पर कार होने का दावा
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि मृतक के परिजनों ने हादसे में शामिल ऑडी कार का संबंध भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह से बताया है।
परिवार का दावा है कि कार उनके नाम पर पंजीकृत है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि और घटना के समय वाहन का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान जांच का विषय है।
यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि हादसे के समय कार कौन चला रहा था और उसमें अन्य कौन लोग मौजूद थे।
किसी व्यक्ति के नाम वाहन पंजीकृत होने मात्र से उसकी घटना में संलिप्तता सिद्ध नहीं होती।
हत्या या सड़क दुर्घटना, जांच से होगा खुलासा
अलीगढ़ की इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मनोज की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुई या उसे जानबूझकर कार से कुचला गया।
परिजनों के आरोपों को देखते हुए घटनास्थल की परिस्थितियां, संभावित सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वाहन की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से भी घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।
पुलिस जांच के निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में दुर्घटना से संबंधित धाराएं लागू होती हैं या किसी गंभीर आपराधिक कृत्य के प्रमाण सामने आते हैं।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मनोज के परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त होकर की जाए।
परिजनों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर मनोज को कार से कुचला है तो उसके खिलाफ हत्या के आरोप में कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार ने घटना में शामिल वाहन के चालक और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने की भी मांग उठाई है।
सड़क पर मामूली विवाद के बाद मौत से उठे सवाल
इस घटना ने सड़क पर वाहन चालकों के बीच होने वाले विवाद और उससे पैदा होने वाले खतरों को भी सामने ला दिया है।
यदि परिजनों का दावा सही साबित होता है कि हॉर्न बजाने और रास्ता देने को लेकर हुई कहासुनी के बाद मनोज को जानबूझकर कुचला गया, तो यह सड़क पर आक्रामक व्यवहार से जुड़ा गंभीर आपराधिक मामला होगा।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन, संयमित व्यवहार और विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेना आवश्यक है।
पुलिस जांच पर टिकी सबकी नजर
अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर अब पुलिस जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। परिजनों के आरोपों और कार के कथित राजनीतिक संबंध के कारण मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग बढ़ गई है।
जांच में यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि घटना के समय कार कौन चला रहा था, विवाद किस बात पर हुआ था और मनोज की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

