बदरीनाथ धाम पहुंचे उत्तराखण्ड के राज्यपाल, भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
राज्यपाल ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं से देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता और नशामुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण का किया आह्वान
बदरीनाथ, उत्तराखण्ड, 24 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन के बदरीनाथ धाम पहुंचने और भगवान बद्री विशाल के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, राज्यपाल ने मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, उन्नति और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश दिया।
भगवान बद्री विशाल के चरणों में की प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यपाल ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुखद और समृद्ध भविष्य के लिए प्रार्थना की। उन्होंने उत्तराखण्ड में शांति, सामाजिक सद्भाव, विकास और जनकल्याण की भावना निरंतर मजबूत होने की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान यहां के पवित्र तीर्थस्थलों, धार्मिक मान्यताओं और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हुई है।
देवभूमि की संस्कृति और धार्मिक विरासत का संरक्षण जरूरी
इस अवसर पर राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से उत्तराखण्ड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देवभूमि की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी परंपराओं, संस्कारों और ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने का माध्यम है।
राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे धार्मिक स्थलों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए जागरूक रहें।
सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित और देशहित में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। समाज में आपसी सहयोग, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की प्रगति के लिए नागरिकों के बीच एकता, सहयोग और सकारात्मक सोच आवश्यक है। समाज के सभी वर्गों को मिलकर ऐसी व्यवस्था के निर्माण में योगदान देना चाहिए, जिसमें शांति, सद्भाव और विकास को प्राथमिकता मिले।
स्वच्छ और नशामुक्त उत्तराखण्ड बनाने का आह्वान
राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से उत्तराखण्ड को स्वच्छ और नशामुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और आम नागरिकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज ही प्रदेश की प्रगति को नई दिशा दे सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना हम सभी का साझा दायित्व है।
श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना
पूजा-अर्चना के दौरान राज्यपाल ने भगवान बद्री विशाल से समस्त श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना की। उन्होंने प्रदेश में निरंतर सुख, शांति, समृद्धि और विकास का वातावरण बने रहने की कामना की।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण और कार्यों के माध्यम से समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
राज्यपाल की धर्मपत्नी सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
प्राप्त विवरण के अनुसार, इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती भानुमति बिसेन, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, एडीसी जितेन्द्र चौधरी, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, अलकेश नौड़ियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बदरीनाथ धाम की इस यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया।
राज्यपाल ने भगवान बद्री विशाल से उत्तराखण्ड सहित समस्त देशवासियों के कल्याण और खुशहाली की प्रार्थना की।

