मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, कहा—जनसेवा और श्रमिकों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा उनका जीवन
CM Dhami Tribute to Hira Singh Bisht: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक जीवन, श्रमिकों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष और उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन प्रदेश के सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 27 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट एक अनुभवी, स्पष्टवादी और जनसरोकारों के प्रति समर्पित जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण सार्वजनिक जीवन आम जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए जनता की सेवा की। वे अपने राजनीतिक अनुभव, जनहित के प्रति प्रतिबद्धता और आम लोगों से गहरे जुड़ाव के कारण हमेशा याद किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुःख में सहभागी बनकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
साधारण परिवार से निकलकर राजनीति में बनाई विशेष पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक साधारण परिवार से निकलकर छात्र राजनीति के माध्यम से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी।
इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री के रूप में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र राजनीति से लेकर मंत्री पद तक की उनकी यात्रा संघर्ष, मेहनत और जनता के प्रति समर्पण का उदाहरण रही।
विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद स्वर्गीय बिष्ट का आम जनता से जुड़ाव बना रहा। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में जनसमस्याओं को प्राथमिकता दी और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए।
श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए किया संघर्ष
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के व्यक्तित्व की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के प्रति उनका विशेष लगाव शामिल था।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में उन लोगों की आवाज को मजबूती प्रदान की, जो अपनी आजीविका, रोजगार और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने श्रमिक वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से समझा और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए।
श्रमिकों के अधिकारों और उनके जीवन से जुड़ी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता उनकी राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनतकश लोगों के प्रति उनका समर्पण और उनके अधिकारों के लिए किए गए प्रयास हमेशा सम्मान के साथ याद किए जाएंगे।
कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं के समाधान को दी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट ने समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को हमेशा गंभीरता से लिया।
उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में लोगों की परेशानियों को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने को अपने सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक परिवार आज भी स्वर्गीय बिष्ट को ऐसे जननेता के रूप में याद करेंगे, जो उनकी समस्याओं को सुनने और उनके अधिकारों के लिए खड़े रहने को सदैव तत्पर रहते थे।
उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान जनता के साथ उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और जनहित के लिए किए गए कार्यों से होती है।
स्वर्गीय बिष्ट ने अपने राजनीतिक जीवन में इन्हीं मूल्यों को महत्व दिया।
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट ने पृथक उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास की यात्रा तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण और विकास में अनेक जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने योगदान दिया। स्वर्गीय बिष्ट भी उन नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने जनसरोकारों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के हितों के लिए कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट की राजनीतिक यात्रा में आम आदमी की समस्याएं और उत्तराखण्ड के विकास से जुड़े मुद्दे हमेशा प्रमुख रहे।
राज्य आंदोलन के दौर से लेकर प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था के विकास तक उनकी भूमिका को सदैव याद किया जाएगा।
श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में रहा उल्लेखनीय योगदान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के मंत्री पद पर रहते हुए किए गए कार्यों को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया।
ये ऐसे विभाग हैं, जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों, श्रमिकों, विद्यार्थियों और युवाओं के जीवन से होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वर्गीय बिष्ट ने जनता की आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी।
उनका प्रशासनिक अनुभव और जनता के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण उनके कार्यों में दिखाई देता था।
राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन जनसेवा सभी के लिए सम्मान का विषय
मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की विचारधाराएं और कार्य करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण सभी के लिए सम्मान का विषय है।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट की स्पष्टवादिता, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा सम्मान के साथ याद की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति के योगदान का मूल्यांकन केवल उसके राजनीतिक पदों के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के लिए किए गए कार्यों और समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के आधार पर भी किया जाना चाहिए।
स्वर्गीय बिष्ट ने अपने जीवन में जनहित और जनता से संवाद को विशेष महत्व दिया।
जनता से निरंतर संवाद ही सच्ची जनसेवा का आधार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का जीवन सभी जनप्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण सीख देता है।
उन्होंने कहा कि जनता से निरंतर संवाद बनाए रखना और उनके सुख-दुःख में भागीदारी करना ही सच्ची जनसेवा का आधार है।
किसी व्यक्ति की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनना और उसके समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करना केवल उस व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने अपने सार्वजनिक जीवन में इन्हीं मूल्यों को अपनाया और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।
उनकी कार्यशैली में जनता के प्रति संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना प्रमुख रही।
हीरा सिंह बिष्ट का निधन उत्तराखण्ड के राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का निधन उत्तराखण्ड के सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में विभिन्न पदों पर रहते हुए समाज के कमजोर वर्गों, श्रमिकों और आम नागरिकों के हितों के लिए कार्य किया।
उनकी स्पष्टवादिता, राजनीतिक अनुभव और जनता के प्रति समर्पण प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में हमेशा स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट का जीवन यह संदेश देता है कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
जनसेवा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का संपूर्ण जीवन जनसेवा, सामाजिक संवेदनशीलता और आम लोगों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष का उदाहरण रहा।
छात्र राजनीति से लेकर ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री पद तक की उनकी यात्रा में जनता के प्रति समर्पण की भावना निरंतर बनी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट ने अपने राजनीतिक अनुभव, स्पष्ट विचारों और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से उत्तराखण्ड के सार्वजनिक जीवन में विशेष पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का जनसेवा के प्रति समर्पण, श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए किया गया संघर्ष तथा उत्तराखण्ड के विकास में योगदान सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा। उनका जीवन वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

