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Loni Bicycle Distribution Controversy: BJP MLA Nandkishore Gurjar Files Complaint Against Akhilesh and Dimple Yadav

लोनी में साइकिल वितरण पर सियासी घमासान, BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव के खिलाफ दी शिकायत, FIR की मांग

Loni Bicycle Distribution Controversy: गाजियाबाद के लोनी में एक हजार छात्राओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम रद्द होने के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने कार्यक्रम रुकवाने को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

गाजियाबाद, 27 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित साइकिल वितरण कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। लोनी के गढ़ी कटैया गांव में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण रद्द किए जाने के बाद विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है।

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, मैनपुरी सांसद डिंपल यादव और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लोनी थाने में शिकायती पत्र देकर मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

विधायक ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम रद्द होने के बाद सोशल मीडिया पर उनके और भाजपा के खिलाफ भ्रामक प्रचार किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार के सदस्यों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एक हजार मेधावी छात्राओं को साइकिल बांटने का था कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, लोनी के गढ़ी कटैया गांव में 25 अक्टूबर को पीडीए सम्मान समारोह और साइकिल वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित था।

कार्यक्रम के आयोजक अनुज प्रधान की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली लगभग एक हजार छात्राओं को साइकिल वितरित करने की योजना बनाई गई थी।

कार्यक्रम में कैराना सांसद इकरा हसन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। आयोजन स्थल पर मंच, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां की जा रही थीं।

हालांकि, प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। कई छात्राएं साइकिल लेने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचीं, लेकिन आयोजन रद्द होने की जानकारी मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

प्रशासन ने जेसीबी से हटवाया टेंट, आयोजक पर लगाया जुर्माना

लोनी नगर पालिका परिषद के अनुसार, कार्यक्रम का आयोजन सरकारी भूमि पर किया जाना था। इसके लिए आवश्यक अनुमति मिलने से पहले ही टेंट और मंच लगाने का काम शुरू कर दिया गया था।

नगर पालिका परिषद ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए आयोजक पर 10 लाख 86 हजार 930 रुपये का जुर्माना लगाया।

इसके बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिस को कार्यक्रम की तैयारियां रुकवाने के लिए पत्र भेजा गया। प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से आयोजन स्थल पर लगाई गई व्यवस्थाएं हटवा दीं।

अधिकारियों का कहना था कि बिना अनुमति सरकारी भूमि पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी नियमों के विरुद्ध थी।

वहीं, आयोजकों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम बताया।

नंदकिशोर गुर्जर बोले—भूमिका साबित हुई तो विधायक पद छोड़ने को तैयार

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कार्यक्रम रद्द होने में अपनी या भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका होने के आरोपों को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले में उनकी या किसी भाजपा कार्यकर्ता की भूमिका साबित होती है तो वह विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने को तैयार हैं।

विधायक का कहना है कि कार्यक्रम प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण रोका गया था और इसे राजनीतिक रंग देकर भाजपा तथा उनके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने जेसीबी से टेंट हटाए जाने के मामले में भी कहा कि यदि किसी प्रशासनिक अधिकारी ने नियमों के विरुद्ध कार्रवाई की है तो उसकी जांच कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

अखिलेश यादव और डिंपल यादव पर लगाए गंभीर आरोप

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम रद्द होने के बाद समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

उन्होंने दावा किया कि कुछ टिप्पणियों में उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। विधायक ने अपनी माताजी के संबंध में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया।

नंदकिशोर गुर्जर ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और वीडियो के माध्यम से उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया तथा राजनीतिक वैमनस्य बढ़ाने का प्रयास हुआ।

उन्होंने पुलिस से संबंधित पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायक ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि लोगों को उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। ये विधायक के आरोप हैं, जिनकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साइकिल वितरण कार्यक्रम रद्द किए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मेधावी छात्राओं को साइकिल देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बाधा डालकर भाजपा ने शिक्षा और प्रतिभाओं के सम्मान का विरोध किया है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उन छात्राओं को साइकिल वितरित की जानी थी, जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर बुलडोजर चलवाकर आयोजन रोकना अनुचित है।

उन्होंने घोषणा की कि यदि सार्वजनिक कार्यक्रम के माध्यम से साइकिल वितरण नहीं करने दिया जाता तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर छात्राओं को साइकिल पहुंचाएंगे।

अखिलेश यादव ने इसे ‘साइकिल सत्याग्रह’ का नाम दिया।

डिंपल यादव ने भी जताई नाराजगी

मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी कार्यक्रम रद्द किए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि छात्राओं के सम्मान और उनके भविष्य से जुड़े कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तक्षेप किया गया।

डिंपल यादव ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और उनका भविष्य राजनीतिक विवाद से ऊपर होना चाहिए।

उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर टेंट हटाए जाने और आयोजन रुकवाने की कार्रवाई की आलोचना की।

समाजवादी पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में सहायता करना था।

आयोजक अनुज प्रधान ने घर-घर साइकिल बांटने की कही बात

कार्यक्रम के आयोजक अनुज प्रधान ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छात्राओं को साइकिल देने का उनका प्रयास जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए मेधावी छात्राओं की सूची तैयार की गई थी और बड़ी संख्या में छात्राएं साइकिल लेने पहुंची थीं।

आयोजन रद्द होने के बाद उन्होंने छात्राओं के घर जाकर साइकिल वितरित करने की बात कही।

आयोजक ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को राजनीतिक कारणों से रोका गया। हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अनुमति नहीं होने और चुनाव आचार संहिता लागू होने का हवाला दिया।

पुलिस ने कहा—शिकायत की जांच के बाद होगी कार्रवाई

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर की ओर से पुलिस को शिकायती पत्र दिए जाने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

लोनी के सहायक पुलिस आयुक्त रामकिशन के अनुसार, विधायक की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत दिए जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन अखिलेश यादव और डिंपल यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस जांच में सोशल मीडिया पर प्रसारित टिप्पणियों और विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा सकती है।

चुनाव आचार संहिता और अनुमति का भी उठा सवाल

साइकिल वितरण कार्यक्रम रद्द किए जाने के पीछे प्रशासन ने चुनाव आचार संहिता लागू होने और आवश्यक अनुमति नहीं मिलने को प्रमुख कारण बताया।

अंकुर विहार के सहायक पुलिस आयुक्त अमरदीप मौर्य के अनुसार, आचार संहिता के चलते राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी।

वहीं, नगर पालिका परिषद ने सरकारी भूमि पर बिना अनुमति मंच और टेंट लगाने को लेकर अलग से कार्रवाई की।

इस पूरे मामले में एक तरफ प्रशासन नियमों के पालन की बात कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी आयोजन रोकने के पीछे राजनीतिक कारण होने का आरोप लगा रही है।

लोनी की राजनीति में बढ़ी भाजपा-सपा की तकरार

गाजियाबाद के लोनी में साइकिल वितरण कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।

जहां भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अपने खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और भ्रामक प्रचार की शिकायत की है, वहीं समाजवादी पार्टी छात्राओं के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम को रोके जाने का विरोध कर रही है।

इस विवाद में प्रशासनिक अनुमति, सरकारी भूमि के इस्तेमाल, चुनाव आचार संहिता और सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणियों जैसे कई मुद्दे सामने आए हैं।

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि विधायक की शिकायत पर पुलिस क्या कदम उठाती है और समाजवादी पार्टी की ओर से घोषित घर-घर साइकिल वितरण अभियान किस प्रकार आगे बढ़ता है।

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