दिल्ली में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 34 किलो विस्फोटक पाउडर बरामद; तीन गिरफ्तार
Sub Title: गोकलपुरी के रिहायशी मकान की दूसरी मंजिल पर चल रहा था पटाखे बनाने का अवैध कारोबार, पुलिस ने 880 तैयार और 600 अधबने पटाखों समेत मशीनें और पैकेजिंग का सामान किया जब्त।
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में पुलिस ने अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एक रिहायशी मकान की दूसरी मंजिल पर चल रहे इस कथित अवैध कारोबार के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 34 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक पाउडर, 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे और 600 अधबने पटाखे बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, रिहायशी इलाके में बिना वैध अनुमति के पटाखे बनाने और विस्फोटक सामग्री का भंडारण करने से आसपास रहने वाले लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता था। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गोकलपुर गांव में दूसरी मंजिल पर चल रही थी फैक्ट्री
पुलिस को 26 अक्टूबर को गोकलपुर गांव में एक मकान के अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाने और उनका भंडारण किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद गोकलपुरी थाना पुलिस की टीम ने गली नंबर 14 स्थित मकान की दूसरी मंजिल पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके पर तीन युवक मिले। पुलिस ने उनसे पटाखे बनाने और उन्हें रखने से संबंधित वैध लाइसेंस या अनुमति के दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद परिसर की तलाशी लेकर वहां मौजूद पटाखों और अन्य सामान को जब्त कर लिया गया।
880 तैयार और 600 अधबने पटाखे बरामद
पुलिस की तलाशी के दौरान पांच डिब्बों में रखे 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे बरामद हुए। इसके अलावा 600 अधबने पटाखे और करीब 34 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक पाउडर भी मिला।
मौके से पटाखों के खाली खोल, उन्हें भरने वाली मशीन, वजन मापने की मशीन और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान भी जब्त किया गया है। पुलिस अब बरामद सामग्री की जांच करने के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान कहां से लाया गया था।
गाजियाबाद के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस ने इस मामले में मोहित गोस्वामी (29), अरमान (24) और समीर (21) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के फर्रुखनगर के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती रिकॉर्ड की जांच में तीनों आरोपियों का पहले कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। हालांकि, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
विस्फोटक सामग्री से लोगों की सुरक्षा को था खतरा
पुलिस का कहना है कि रिहायशी इलाके में अवैध तरीके से पटाखे बनाना और विस्फोटक सामग्री जमा करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी गतिविधियों से आग लगने या विस्फोट होने की स्थिति में आसपास के घरों और लोगों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
इस मामले में गोकलपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तैयार पटाखों की आपूर्ति कहां की जानी थी।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े अन्य लोगों या आपूर्ति नेटवर्क की भूमिका सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

