बेतिया में मगरमच्छ को बाइक से बांधकर गांव में घुमाया, रील बनाने के लिए जुटी भीड़; वन विभाग ने किया रेस्क्यू
सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के चक्कर में लोगों ने मगरमच्छ के साथ किया जोखिम भरा व्यवहार, गांव में लगी रही तमाशबीनों की भीड़
बेतिया, बिहार। सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक लोगों से कई बार ऐसी हरकतें करवा देता है, जो उनकी और दूसरों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं। बिहार के बेतिया में ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मगरमच्छ को पकड़ने के बाद कुछ ग्रामीणों ने उसे बाइक से बांध दिया और गांव में ले आए। इसके बाद मगरमच्छ को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोग उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे, जबकि कुछ लोग उसके साथ रील बनाने में भी जुट गए।
जानकारी के मुताबिक, मगरमच्छ के गांव पहुंचते ही वहां लोगों का जमावड़ा लग गया। किसी ने मोबाइल से उसकी तस्वीरें खींचीं तो किसी ने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने की होड़ में कुछ लोग मगरमच्छ के पास जाकर रील बनाने लगे। इस दौरान मगरमच्छ को बाइक से बांधकर रखना लोगों के व्यवहार और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मगरमच्छ के साथ रील बनाने में जुटे लोग
मगरमच्छ जैसे खतरनाक वन्यजीव के आसपास भीड़ जमा करना जोखिम भरा हो सकता है। इसके बावजूद गांव में लोग उसे देखने और कैमरे में कैद करने के लिए जुटते रहे। कुछ लोग उसके साथ वीडियो बनाते नजर आए।
रील बनाने के चक्कर में वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार उसके लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। मगरमच्छ तनाव में आकर हमला कर सकता है, जिससे आसपास मौजूद लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
वन विभाग ने किया मगरमच्छ का रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से लोगों की भीड़ से अलग किया गया। वन विभाग की कार्रवाई से मगरमच्छ को लेकर बनी स्थिति पर काबू पाने में मदद मिली।
सोशल मीडिया के शौक में न करें ऐसी हरकत
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने और रील बनाने की चाह में लोग अपनी सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों को भी खतरे में डाल देते हैं। मगरमच्छ जैसे जंगली जीव को पकड़ना, बांधना या उसके पास जाकर वीडियो बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है।
वन्यजीव दिखाई देने पर लोगों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए और खुद पकड़ने या छेड़ने की कोशिश करने के बजाय वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।

