दिल्ली में 75 साल का रिकॉर्ड टूटा, अक्टूबर में सबसे ठंडा दिन दर्ज; सफदरजंग में पारा 20.7 डिग्री पहुंचा
राजधानी दिल्ली में 30 अक्टूबर को मौसम ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने पिछले 75 साल के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान महज 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अक्टूबर महीने में अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान बताया जा रहा है। इससे पहले सबसे कम अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड 25 अक्टूबर 1975 को दर्ज किया गया था, जब पारा 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा था।
दिल्ली में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन
दिल्ली में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। 30 अक्टूबर को राजधानी के सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस आंकड़े के साथ ही अक्टूबर महीने में सबसे कम अधिकतम तापमान का नया रिकॉर्ड बन गया।
मौसम के इस बदलाव के कारण दिन के समय भी लोगों को ठंड का एहसास हुआ। आमतौर पर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में दिल्ली में तापमान इससे अधिक रहता है, लेकिन इस बार मौसम की परिस्थितियों ने दिन के तापमान को काफी नीचे पहुंचा दिया।
1975 का रिकॉर्ड भी टूटा
मौसम के उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले अक्टूबर में सबसे कम अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड 25 अक्टूबर 1975 को बना था। उस दिन सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
30 अक्टूबर 2026 को तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के साथ यह पुराना रिकॉर्ड टूट गया। इस तरह करीब 51 साल बाद अक्टूबर के महीने में अधिकतम तापमान का नया न्यूनतम स्तर दर्ज किया गया।
बादल और बारिश से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दिन के तापमान में इस तरह की गिरावट के पीछे कई मौसमी परिस्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। आसमान में बादल छाए रहने, बारिश होने और हवा की दिशा में बदलाव का सीधा असर अधिकतम तापमान पर पड़ता है।
जब दिन के समय आसमान में घने बादल रहते हैं तो सूर्य की गर्मी धरती तक कम पहुंचती है। इसके कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। बारिश और ठंडी हवाएं भी वातावरण को ठंडा करने में भूमिका निभाती हैं।
हालांकि, किसी एक दिन के तापमान में आई गिरावट को जलवायु परिवर्तन का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए लंबे समय के मौसम संबंधी आंकड़ों और रुझानों का अध्ययन करना जरूरी होता है।
मौसम के ऐतिहासिक रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नया आंकड़ा
मौसम विभाग के लिए ऐसे असामान्य तापमान के आंकड़े महत्वपूर्ण होते हैं। इनकी मदद से मौसम के लंबे समय के रिकॉर्ड, मौसमी बदलाव और अलग-अलग वर्षों में तापमान के व्यवहार का विश्लेषण किया जाता है।
दिल्ली में 30 अक्टूबर को दर्ज 20.7 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान भी ऐतिहासिक आंकड़ों में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बन गया है।
दिल्ली में सर्दी ने समय से पहले दी दस्तक?
अक्टूबर के आखिरी दिनों में तापमान में आई इस गिरावट से राजधानी में सर्दी का एहसास बढ़ गया है। दिन में भी ठंडक महसूस होने लगी है और सुबह-शाम मौसम का मिजाज बदल रहा है।
हालांकि, एक दिन के रिकॉर्ड तापमान के आधार पर पूरी सर्दी के मौसम का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। आने वाले दिनों में बादलों की स्थिति, बारिश, हवा की दिशा और पश्चिमी विक्षोभ जैसी मौसमी परिस्थितियां दिल्ली के तापमान को प्रभावित कर सकती हैं।
फिलहाल 30 अक्टूबर 2026 का दिन दिल्ली के मौसम इतिहास में दर्ज हो गया है, क्योंकि इस दिन सफदरजंग केंद्र ने अक्टूबर का पिछले 75 वर्षों का सबसे कम अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया।

