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Bihar Train Gold Fraud: Three Accused Arrested for Cheating Gold Trader on Train

ट्रेन में सरकारी अधिकारी बनकर सोना ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बरेली से तीन आरोपी गिरफ्तार

गया: बिहार के गया में रेल पुलिस ने ट्रेन के अंदर सरकारी अधिकारी बनकर सोना ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने बरेली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भभुआ रोड स्टेशन के पास कोलकाता जा रहे एक ज्वेलरी कारोबारी के कर्मचारी को सरकारी अधिकारी बताकर अपने जाल में फंसाया और उसके पास मौजूद सोना ठग लिया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

ज्वेलरी कारोबारी के कर्मचारी को बनाया निशाना

जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब ज्वेलरी कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल का कर्मचारी सचिन गंगवार ट्रेन से कोलकाता जा रहा था। उसके पास कारोबारी का सोना था। इसी दौरान भभुआ रोड स्टेशन के पास कुछ लोग उसके पास पहुंचे और खुद को सरकारी अधिकारी बताने लगे।

आरोपियों ने अधिकारी होने का रौब दिखाकर सचिन को अपने विश्वास में लिया। इसके बाद उन्होंने धोखाधड़ी करते हुए उसके पास मौजूद सोना ठग लिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष को ठगी का पता चला तो मामले की शिकायत रेल पुलिस से की गई।

24 अक्टूबर को दर्ज कराई गई प्राथमिकी

घटना के संबंध में ज्वेलरी कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल ने 24 अक्टूबर 2026 को भभुआ रेल थाना में लिखित आवेदन दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।

शिकायत में बताया गया कि उनका कर्मचारी सचिन गंगवार सोना लेकर कोलकाता जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन में सफर कर रहे ठगों ने सरकारी अधिकारी बनकर उसके साथ धोखाधड़ी की और सोना लेकर फरार हो गए।

रेल पुलिस ने बनाई विशेष जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की।

तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद रेल पुलिस ने बरेली पुलिस की मदद से तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बरेली से तीन आरोपी गिरफ्तार

रेल पुलिस के डीएसपी के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बरेली पुलिस की सहायता ली गई और वहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा क्या आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी सबक

इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठग अक्सर खुद को सरकारी अधिकारी, पुलिसकर्मी या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति बताकर यात्रियों को डराते हैं और उनके सामान पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं।

रेल यात्रा के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के सरकारी अधिकारी होने के दावे पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी तरह की जांच या पूछताछ के नाम पर सोना, नकदी और अन्य कीमती सामान किसी अनजान व्यक्ति को नहीं सौंपना चाहिए।

फिलहाल रेल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस की जांच से इस ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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