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कन्हैया लाल हत्याकांड: राजस्थान हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों की जमानत अपील खारिज की
जयपुर: राजस्थान के चर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड में पांच आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने NIA मामले में जमानत की मांग को लेकर दाखिल पांचों आरोपियों की अपीलें खारिज कर दी हैं। अदालत ने विशेष अदालत के उन आदेशों को भी बरकरार रखा, जिनमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की गई थीं। (AajTak)
28 जून 2022 को हुई थी कन्हैया लाल की हत्या
यह मामला 28 जून 2022 को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दो हमलावर धारदार हथियारों के साथ उनकी दुकान में दाखिल हुए और उनकी हत्या कर दी। इस हमले में दुकान पर काम करने वाले दो अन्य लोग भी घायल हुए थे।
वारदात के बाद हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि वीडियो और उससे जुड़े बयानों का उद्देश्य धार्मिक आधार पर दुश्मनी फैलाना और लोगों में डर का माहौल पैदा करना था। (AajTak)
NIA ने दाखिल की थी चार्जशीट
मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की। एजेंसी ने 22 दिसंबर 2022 को 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें दो फरार आरोपी भी शामिल थे। इसके बाद मामले में आरोप तय किए गए और ट्रायल आगे बढ़ रहा है। (AajTak)
पांच आरोपियों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। उनका पक्ष जमानत के समर्थन में दलीलें लेकर अदालत के सामने था, जबकि NIA ने कथित साजिश और मामले से जुड़े अभियोजन सामग्री का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
UAPA की धारा 43D(5) पर कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने जमानत पर फैसला लेते समय गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 43D(5) पर विचार किया। इस प्रावधान के तहत यदि अदालत को उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह मानने के लिए उचित आधार मिलता है कि आरोपी के खिलाफ आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं, तो जमानत पर वैधानिक रोक लागू हो सकती है। (AajTak)
अदालत ने इसके साथ संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़े पहलू पर भी विचार किया। हालांकि, कोर्ट ने मामले में उपलब्ध अभियोजन सामग्री और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को देखते हुए इस चरण पर जमानत देने से इनकार कर दिया। (LawLens)
ट्रायल की प्रगति को भी माना महत्वपूर्ण
हाईकोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि NIA अपनी जांच पूरी कर चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। मामले में आरोप तय हो चुके हैं और सुनवाई आगे बढ़ रही है।
अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि अभियोजन पक्ष ने गवाहों की प्रस्तावित सूची कम की है और ट्रायल की कार्यवाही जारी है। कोर्ट ने इन परिस्थितियों को देखते हुए यह नहीं माना कि लंबे समय से हिरासत में रहने के आधार पर इस मामले में UAPA के तहत लागू जमानत संबंधी प्रतिबंध को दरकिनार किया जाए। (LawLens)
पांचों आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं
इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने पांचों आरोपियों की जमानत अपीलें खारिज कर दीं। इसके साथ ही विशेष अदालत द्वारा जमानत से इनकार करने वाले आदेशों को बरकरार रखा गया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत अपील पर की गई टिप्पणियां मामले के अंतिम ट्रायल को प्रभावित नहीं करेंगी। (LawLens)
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