देहरादून में STF की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो 108 ग्राम चरस के साथ 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार, हिमाचल के कसोल से जुड़े तस्करी के तार
Dehradun STF Charas Seizure 2026: उत्तराखंड STF की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने आशारोड़ी चेकपोस्ट के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.108 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस ने 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी पर हिमाचल प्रदेश के कसोल से चरस लाकर देहरादून में बेचने का आरोप है।
देहरादून, 21 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई की है। देहरादून के आशारोड़ी चेकपोस्ट के पास चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक 22 वर्षीय युवक को 1 किलो 108 ग्राम संदिग्ध चरस के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी हिमाचल प्रदेश के कसोल क्षेत्र से मादक पदार्थ लाकर देहरादून में बेचने की गतिविधियों में शामिल था। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर इस संबंध में जानकारी दी है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
आशारोड़ी चेकपोस्ट के पास STF ने की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, STF उत्तराखंड के निर्देश पर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत STF/ANTF की टीम को तकनीकी और मैनुअल इनपुट के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी।
प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देहरादून के आशारोड़ी चेकपोस्ट के आसपास चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक युवक के पास मौजूद काले रंग के बैग से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके पर ड्रग डिटेक्शन किट की सहायता से बरामद पदार्थ की प्राथमिक जांच की। जांच में पदार्थ के चरस होने का संकेत मिलने के बाद युवक को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
काले बैग से बरामद हुई 1.108 किलोग्राम चरस
STF के अनुसार गिरफ्तार युवक के पास से कुल 1 किलो 108 ग्राम चरस बरामद की गई है।
पुलिस टीम ने बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।
यह बरामदगी देहरादून में नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बिहार का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय युसुफ पुत्र तौसीफ के रूप में हुई है।
आरोपी वर्तमान में देहरादून के मालसी क्षेत्र में रह रहा था, जबकि उसका मूल निवास बिहार के पटना में बताया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की गई है और उसके कथित तस्करी संबंधी संपर्कों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मादक पदार्थ की आपूर्ति किस माध्यम से की गई और उसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
हिमाचल प्रदेश के कसोल से चरस लाने का आरोप
STF की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह हिमाचल प्रदेश के कसोल क्षेत्र से चरस लेकर आया था।
पुलिस के अनुसार इस मादक पदार्थ को देहरादून में बेचने की योजना थी।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों और आपूर्ति के स्रोतों की जांच कर रही है।
हालांकि आरोपी के कथित बयान और मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
क्लेमेंटाउन थाने में NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना क्लेमेंटाउन, देहरादून में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
NDPS एक्ट के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थों से संबंधित अवैध गतिविधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस के अनुसार मामले में बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
STF और क्लेमेंटाउन पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस अभियान में उत्तराखंड STF की एंटी नारकोटिक्स टीम और थाना क्लेमेंटाउन पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
STF/ANTF टीम में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारी:
- निरीक्षक भवानी शंकर पंत
- उपनिरीक्षक दीपक मैठानी
- कांस्टेबल रवि पंत
- कांस्टेबल प्रदीप कुमार
- कांस्टेबल दीपक नेगी
थाना क्लेमेंटाउन पुलिस टीम:
- उपनिरीक्षक विवेक भंडारी
- कांस्टेबल रणवीर शाह
संयुक्त टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर चेकिंग और तलाशी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी
उत्तराखंड पुलिस और STF की ओर से प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर रोक लगाना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।
इस अभियान के तहत संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ ही मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
STF अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में जनता का सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से जागरूकता की अपील
STF उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है।
उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने और किसी भी प्रकार के लालच में आकर अवैध गतिविधियों में शामिल न होने का आह्वान किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे की लत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
इसलिए विद्यालयों, परिवारों और सामाजिक संगठनों को युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
नशा तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस को दें
उत्तराखंड STF ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या STF/ANTF उत्तराखंड को दें।
पुलिस ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है।
नशामुक्त उत्तराखंड के लिए पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण
देहरादून में 1 किलो 108 ग्राम चरस की बरामदगी और एक युवक की गिरफ्तारी को उत्तराखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों और मादक पदार्थ की आपूर्ति के स्रोतों की जांच कर रही है।
इस मामले में आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
उत्तराखंड STF ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में योगदान देने की अपील की है। पुलिस का संदेश है—नशे को कहें ना, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य को कहें हां।

