News Bhadas 4 India
TrendingLatest News

Umesh Pal Murder Case Arman: 43 महीने बाद पुलिस कस्टडी में, गुड्डू मुस्लिम पर खुलेंगे राज?

उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख का इनामी अरमान प्रयागराज पुलिस की कस्टडी में, गुड्डू मुस्लिम से जुड़े राज खुलने की उम्मीद

प्रयागराज। चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में करीब साढ़े तीन साल से फरार चल रहे पांच लाख रुपये के इनामी आरोपी अरमान को प्रयागराज पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। अरमान को बिहार के गया सेंट्रल जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया गया है। सोमवार को उसे जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

अरमान की गिरफ्तारी इस मामले में इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि पुलिस के मुताबिक 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या के दौरान अरमान बाइक चला रहा था और उसके पीछे बमबाज गुड्डू मुस्लिम बैठा था। वारदात के बाद दोनों बाइक से मौके से फरार हुए थे।

43 महीने बाद खुला बड़ा राज

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के सुलेमसराय इलाके में उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। घटना के दौरान हमलावरों ने गोली और बम से हमला किया था। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को एक बाइक सवार दिखाई दिया था, जिसकी पहचान अरमान के रूप में की गई।

उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने अरमान की तलाश शुरू की और उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस उसे लंबे समय से फरार मानकर तलाश कर रही थी, लेकिन बाद में पता चला कि वह बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद है।

गया के पुराने मामले में कर दिया था सरेंडर

पुलिस के मुताबिक अरमान मूल रूप से गया के कठोकर तालाब इलाके का रहने वाला है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह उत्तर प्रदेश से गया पहुंचा था। वहां भोलू अंडा दुकान पर हुई फायरिंग के एक पुराने मामले में उसने 27 फरवरी 2023 को गया कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।

इसके बाद उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया और वह वहीं बंद रहा। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस उसे उमेश पाल हत्याकांड में फरार आरोपी के तौर पर तलाश करती रही। प्रयागराज पुलिस को उसके गया जेल में बंद होने की जानकारी मिलने के बाद 30 सितंबर को पुलिस टीम वहां पहुंची और उसकी पहचान की।

ट्रांजिट रिमांड के बाद प्रयागराज लाई गई पुलिस

अरमान को उमेश पाल हत्याकांड में पूछताछ के लिए प्रयागराज लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने गया कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया। अदालत की अनुमति मिलने के बाद प्रयागराज पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में लिया और रविवार देर रात उसे प्रयागराज लाया गया। उसे फिलहाल कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और सोमवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन पर भी हो सकती है पूछताछ

अरमान की कस्टडी को पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पुलिस के मुताबिक वह वारदात के समय गुड्डू मुस्लिम के साथ था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि हत्या के बाद दोनों किस रास्ते से फरार हुए और कब उनके रास्ते अलग हुए।

पूछताछ में गुड्डू मुस्लिम के संभावित ठिकाने, उसे मदद पहुंचाने वाले लोगों और फरारी के दौरान उसके संपर्कों से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन से जुड़े सवाल भी अहम हो सकते हैं। पुलिस के मुताबिक अरमान शाइस्ता के करीबी लोगों में रहा था। हालांकि, पूछताछ से वास्तव में क्या जानकारी सामने आती है, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता अब भी फरार

उमेश पाल हत्याकांड के बाद मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। कई आरोपियों के खिलाफ अदालत में कार्रवाई भी आगे बढ़ी। हालांकि, गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन समेत कुछ आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

पुलिस ने इन आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में दबिश दी है। ऐसे में अरमान से पूछताछ को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परिवार ने जताई एनकाउंटर की आशंका

अरमान के प्रयागराज ले जाए जाने के बाद उसके परिवार ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसके पिता समीम मलिक और अन्य परिजनों ने आशंका जताई कि कहीं उत्तर प्रदेश ले जाते समय उसका एनकाउंटर न कर दिया जाए। परिवार का कहना है कि यदि अरमान दोषी है तो उसे अदालत के जरिए सजा मिलनी चाहिए।

अरमान के बचाव पक्ष की ओर से भी उसकी सुरक्षा को लेकर अदालत में चिंता जताई गई थी। हालांकि, अदालत के आदेश के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की गई और पुलिस उसे प्रयागराज ले आई।

अब पुलिस की पूछताछ पर टिकी नजर

अरमान के प्रयागराज पहुंचने के बाद अब पुलिस की पूछताछ पर सबकी नजर है। खास तौर पर यह जानना अहम होगा कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद गुड्डू मुस्लिम कहां गया, उसे किसने मदद पहुंचाई और फरारी के दौरान अतीक गैंग के अन्य सदस्यों से उसका संपर्क कैसे बना रहा।

यदि पूछताछ में इन सवालों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलते हैं तो उमेश पाल हत्याकांड की जांच में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ सकता है। फिलहाल अरमान के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Related posts

Akash Anand BSP Return: Mayawati Reappoints Him as National Convener

bhadas4india

Valmiki Community UP Election 2027: BJP vs SP Vote Bank Battle

bhadas4india

CM Dhami Valmiki Jayanti Dehradun: Pay Hike for Environmental Workers Soon

bhadas4india

Leave a Comment