लखनऊ में कांग्रेस का प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के बाद आयोजित किया गया। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
आराधना मिश्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन
लखनऊ में प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने किया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनके नेतृत्व में राजधानी में कांग्रेस का प्रमुख प्रदर्शन रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और जवाबदेही की मांग उठाई।
पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्रवाई की और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
कांग्रेस ने लगाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग पर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है।
हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
कांग्रेस और सपा के बीच दिखी दूरी
लखनऊ के प्रदर्शन की एक खास बात यह रही कि INDIA ब्लॉक का हिस्सा होने के बावजूद समाजवादी पार्टी इस प्रदर्शन में कांग्रेस के साथ नजर नहीं आई। यूपी की राजनीति में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन है, लेकिन दोनों दलों के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक रणनीति भी दिखाई देती रही है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
लखनऊ का प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक विरोध का हिस्सा रहा। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि CEC के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

