यूपी की 100 विधानसभा सीटों पर फर्जी वोटरों का दावा, सपा ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की
लखनऊ। देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि कई पोलिंग स्टेशनों पर एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नंबरों के साथ कई बार दर्ज है। सपा ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच कराने और कथित फर्जी या दोहराए गए नामों को नियमानुसार हटाने की मांग की है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के मुताबिक, पार्टी ने उत्तर प्रदेश के 100 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की पड़ताल के दौरान कई ऐसी प्रविष्टियां चिह्नित की हैं, जिन पर उसे संदेह है। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ पोलिंग स्टेशनों पर एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार दर्ज दिखाई देता है।
पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से इन प्रविष्टियों का सत्यापन कराने की मांग की है, ताकि मतदाता सूची में मौजूद संभावित त्रुटियों को दूर किया जा सके। सपा का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
इटावा, कन्नौज और श्रावस्ती के उदाहरण दिए
सपा ने अपने ज्ञापन में कई विधानसभा क्षेत्रों के बूथों का उल्लेख किया है। पार्टी के अनुसार, इटावा के बूथ संख्या 9 और 10 पर एक ही 18 वर्षीय युवती का नाम अलग-अलग EPIC नंबरों के साथ तीन बार दर्ज मिला।
इसी तरह कन्नौज जिले की छिबरामऊ विधानसभा सीट के बूथ संख्या 49 पर भी एक ही महिला का नाम तीन अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र नंबरों के साथ दर्ज होने का दावा किया गया है। श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र में भी एक मतदाता का नाम चार अलग-अलग EPIC नंबरों के साथ दर्ज होने की बात कही गई है।
पार्टी का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि ये प्रविष्टियां वास्तविक मतदाताओं से संबंधित हैं या मतदाता सूची में हुई किसी त्रुटि का परिणाम हैं।
सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों की जांच की मांग
समाजवादी पार्टी ने केवल चिह्नित 100 विधानसभा क्षेत्रों तक जांच सीमित रखने के बजाय प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की बूथ स्तर पर जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए।
सपा की मांग है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग स्थानों या अलग-अलग पहचान पत्र नंबरों से दर्ज प्रविष्टियों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए। जांच में डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियां मिलने पर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत हटाया जाए।
सपा ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन करना और उनमें मौजूद त्रुटियों को दूर करना है। समाजवादी पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया के बाद भी कई विधानसभा क्षेत्रों में कथित डुप्लीकेट प्रविष्टियां मौजूद हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से इन शिकायतों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल बताए गए हैं।
फिलहाल, मतदाता सूचियों में गड़बड़ी को लेकर किए गए ये दावे समाजवादी पार्टी की ओर से सामने आए हैं। चिह्नित प्रविष्टियों की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।

