यूपी में ‘सोलर दीदी’ पहल से घर-घर पहुंचेगी सौर ऊर्जा की जानकारी, महिलाओं को मिली अहम भूमिका
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ‘सोलर दीदी’ पहल पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे बताने के साथ उन्हें सरकारी योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सोलर पैनल लगवाने के विभिन्न चरणों की जानकारी देना है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को जागरूकता अभियान में शामिल किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक परिवार छतों पर सोलर संयंत्र लगवाने के लिए प्रेरित हों।
यह पहल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी है। योजना का उद्देश्य आवासीय घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देना और परिवारों को बिजली खर्च कम करने में मदद करना है।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं निभाएंगी अहम भूमिका
‘सोलर दीदी’ कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी देने और उसे घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी से जोड़ा जा रहा है। ये महिलाएं अपने समुदाय के परिवारों को समझाएंगी कि रूफटॉप सोलर सिस्टम कैसे काम करता है और इसे लगवाने के लिए किन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
महिलाएं लोगों को योजना की पात्रता, आवेदन करने के तरीके और सोलर संयंत्र लगवाने के अलग-अलग चरणों की जानकारी देंगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को योजना को समझने तथा आवेदन से जुड़ी उलझनों को दूर करने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत 13 फरवरी 2024 को की गई थी। इसका लक्ष्य देश के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाती है।
सरकारी योजना के तहत परिवार अपनी जरूरत के अनुसार सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। इससे बिजली बिल में बचत हो सकती है और घरों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत बिजली की खपत, लगाए गए सिस्टम की क्षमता और उपलब्ध धूप जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
जागरूकता की कमी दूर करने पर जोर
रूफटॉप सोलर को अपनाने में केवल आर्थिक सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है। कई परिवारों को योजना की पात्रता, आवेदन, इंस्टॉलेशन और सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में ‘सोलर दीदी’ जैसी पहल लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के माध्यम से परिवारों को सरल भाषा में योजना समझाने, उनके सवालों का जवाब देने और आवेदन की प्रक्रिया में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे लोगों को सही जानकारी के आधार पर फैसला लेने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छ ऊर्जा के साथ महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा
इस पहल में महिलाओं की भागीदारी को स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार के साथ-साथ सामुदायिक नेतृत्व और महिला सशक्तीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जागरूकता अभियान में शामिल महिलाएं अपने गांवों और समुदायों में परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता शिविर और अन्य अभियान भी चलाए जा रहे हैं। राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत जागरूकता शिविर आयोजित करने की जानकारी सामने आई है।
कुल मिलाकर, ‘सोलर दीदी’ पहल का मकसद सौर ऊर्जा को लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना और सरकारी योजना की जानकारी घर-घर तक पहुंचाना है। जागरूकता, उचित मार्गदर्शन और योजना की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलने से अधिक परिवार रूफटॉप सोलर अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

