यशस्वी जायसवाल क्यों कर रहे विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस? दीप दासगुप्ता और एमएसके प्रसाद ने उठाए सवाल
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दौरान विकेटकीपिंग का अभ्यास करते नजर आए। उनके इस अभ्यास ने क्रिकेट जगत में चर्चा छेड़ दी है। पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता और एमएसके प्रसाद ने जायसवाल के विकेटकीपिंग करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब टीम में पहले से ही विकेटकीपिंग के विकल्प मौजूद हैं, तो एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को इस भूमिका के लिए तैयार करने की जरूरत क्यों है?
यशस्वी जायसवाल की विकेटकीपिंग पर क्यों उठे सवाल?
यशस्वी जायसवाल भारतीय टीम के प्रमुख सलामी बल्लेबाजों में शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी के दौरान उनके विकेटकीपिंग अभ्यास की खबर सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या टीम प्रबंधन उन्हें किसी नई भूमिका के लिए तैयार कर रहा है या यह केवल अभ्यास का हिस्सा है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि जायसवाल को किसी आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में विकेटकीपर के तौर पर उतारने की कोई योजना है। ऐसे में उनके अभ्यास को सीधे टीम इंडिया की रणनीति से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी।
दीप दासगुप्ता ने उठाया सवाल
पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने यशस्वी जायसवाल के विकेटकीपिंग अभ्यास पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि जब टीम के पास पहले से विकेटकीपिंग के विकल्प हैं, तो एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को इस भूमिका में क्यों आजमाया जा रहा है।
दासगुप्ता की टिप्पणी का मुख्य जोर टीम में खिलाड़ियों की भूमिकाओं और उपलब्ध विकल्पों के सही इस्तेमाल पर था। उनके सवाल से यह चर्चा शुरू हुई कि क्या जायसवाल को विकेटकीपिंग का अभ्यास कराने के पीछे कोई खास रणनीति है।
एमएसके प्रसाद ने भी जताई चिंता
पूर्व भारतीय चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने भी इस मामले पर सवाल उठाए। टीम इंडिया में विकेटकीपिंग के विकल्पों को देखते हुए जायसवाल को इस भूमिका में तैयार करने की जरूरत पर चर्चा हो रही है।
केएल राहुल भारतीय टीम के लिए विकेटकीपिंग कर चुके हैं और बल्लेबाजी में भी अहम योगदान देते हैं। ऐसे में जायसवाल के विकेटकीपिंग अभ्यास को लेकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि टीम प्रबंधन इस अतिरिक्त भूमिका को लेकर क्या सोच रहा है। हालांकि, जायसवाल को विकेटकीपर के तौर पर इस्तेमाल करने की किसी आधिकारिक योजना की पुष्टि नहीं हुई है।
चंडीगढ़ के खिलाफ मैच में नहीं चला जायसवाल का बल्ला
रणजी ट्रॉफी में चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले में मुंबई की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पारी और 155 रन से जीत दर्ज की। हालांकि, इस मैच में यशस्वी जायसवाल बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 13 गेंदों का सामना करने के बाद बिना खाता खोले आउट हो गए।
मुंबई की बड़ी जीत के बावजूद जायसवाल का शून्य पर आउट होना चर्चा में रहा। उनके विकेटकीपिंग अभ्यास की खबर के साथ इस प्रदर्शन को लेकर भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सवाल उठे।
क्या टीम इंडिया में बदल सकती है जायसवाल की भूमिका?
यशस्वी जायसवाल को मुख्य रूप से एक आक्रामक सलामी बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है। विकेटकीपिंग का अभ्यास करना अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि उनकी भूमिका बदलने वाली है। इसके पीछे व्यक्तिगत अभ्यास, टीम की जरूरत या कोई अन्य कारण हो सकता है।
फिलहाल, दीप दासगुप्ता और एमएसके प्रसाद की प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना होगा कि जायसवाल के विकेटकीपिंग अभ्यास को लेकर टीम प्रबंधन या खिलाड़ी की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने आती है या नहीं।

