देहरादून दशहरा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बोले—सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलना ही भगवान श्रीराम का संदेश
उपशीर्षक: परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। कहा—रामराज्य की मूल भावना न्याय, सुशासन और जनकल्याण है। भ्रष्टाचार, नशे और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का किया आह्वान।
देहरादून, उत्तराखंड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों और आयोजन समिति को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मर्यादा की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने जीवन में सदाचार अपनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा देता है।
भगवान श्रीराम का जीवन त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, संयम, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग कर चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया। यह उनके सिद्धांतों और कर्तव्यों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि रावण के पास अपार धन, शक्ति और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार और अधर्म उसके विनाश का कारण बने। इससे यह संदेश मिलता है कि असत्य और अन्याय चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
दशहरा आत्ममंथन और बुराइयों को त्यागने का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि अपने भीतर छिपी बुराइयों को समाप्त करने का अवसर भी है।
उन्होंने लोगों से अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों का त्याग करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय, नशाखोरी और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत बनाना ही विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।
उत्तराखंड में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमणमुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के अंतर्गत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए प्रदेश में सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और प्रदेश में सुरक्षित, शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं के रोजगार और शिक्षा के विषय पर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नकल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता, मेहनत और प्रतिभा के आधार पर रोजगार के समान अवसर मिलें।
आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षा पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बच्चों में ज्ञान, नवाचार, रचनात्मकता और तार्किक सोच विकसित करके उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ युवाओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे।
उन्होंने प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसरों के विस्तार को आवश्यक बताया।
न्याय, सुशासन और जनकल्याण ही रामराज्य की मूल भावना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित आदर्श आज भी सुशासन और जनकल्याण की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि रामराज्य की मूल भावना न्याय, समानता, नैतिकता, सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विजयादशमी के पावन अवसर पर सभी लोग अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध तथा विकसित राज्य बनाने में योगदान देने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही एक न्यायपूर्ण, संस्कारवान और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

