खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित और पारदर्शी समाधान के निर्देश
लोहियाहेड हेलीपैड और कैंप कार्यालय में जनता व जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात, मुख्यमंत्री बोले—सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र पर काम कर रही सरकार
खटीमा, 24 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा पहुंचकर आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। मुख्यमंत्री ने लोहियाहेड हेलीपैड और अपने कैंप कार्यालय में आयोजित जनसंवाद के दौरान लोगों की शिकायतों और क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का वास्तविक उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतें अधिकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को संतोषजनक समाधान प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को अधिक संवेदनशील, सक्रिय और जवाबदेह होकर कार्य करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए।
सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि सरकार का मूल मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करना और जनता की संतुष्टि सुनिश्चित करना सरकार की कार्यप्रणाली के प्रमुख उद्देश्य हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता का वास्तविक आकलन इस बात से होता है कि आम नागरिकों को कितनी आसानी से सरकारी सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान के दौरान नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरल और सुविधाजनक तरीके से प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि कई बार सामान्य समस्याओं के समाधान के लिए भी लोगों को विभिन्न कार्यालयों में जाना पड़ता है, जिससे उनका समय और संसाधन दोनों प्रभावित होते हैं।
ऐसी परिस्थितियों को कम करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक औपचारिकताओं और देरी से बचते हुए नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र के विकास कार्यों पर की चर्चा
खटीमा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा की।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं और विकास से संबंधित विषयों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं को समझने और उनका समाधान करने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वे जनता की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी तरीके से रखें, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता से प्राप्त सुझावों और शिकायतों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान न केवल नागरिकों को राहत प्रदान करता है, बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को भी मजबूत करता है।
प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायतों को दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना सुशासन की महत्वपूर्ण पहचान है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताएं निर्धारित हैं और अधिकारियों को इन्हीं प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
मुख्यमंत्री के खटीमा प्रवास के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा मंत्री संतोष गौरव, फरजाना बेगम, नगर पंचायत नानकमत्ता के अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिला पंचायत सदस्य भास्कर सम्भल, रमेश चंद्र जोशी, रनदीप पोखरिया, अमित पाण्डे और भवानी भंडारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एएसपी अजय गणपति, वीसी जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों से जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेने और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके त्वरित समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
जनता की संतुष्टि ही सुशासन का प्रमुख आधार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनसेवा और सुशासन की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की समस्या को महत्व मिले और उसका समाधान निर्धारित समय में किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिलकर जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए, ताकि विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सके।
खटीमा में मुख्यमंत्री का यह जनसंवाद कार्यक्रम आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और प्रशासनिक अधिकारियों को उनके समाधान के लिए निर्देशित करने पर केंद्रित रहा।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को जवाबदेही, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करना होगा।

