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Pithoragarh Medical College: CM Dhami Inspects Campus, Admissions Begin for 50 MBBS Seats

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का मुख्यमंत्री धामी ने किया निरीक्षण, 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू

चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश, सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी मजबूती

पिथौरागढ़, 25 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ के चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं से भी संवाद किया और उनके अनुभव एवं सुझाव जाने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पिथौरागढ़ सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेडिकल कॉलेज परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का विकास क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू

बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज में इस शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होना पिथौरागढ़ जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के संचालन से स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए अक्सर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज की सुविधा विकसित होने से विद्यार्थियों को राज्य के भीतर एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित पात्रता और चिकित्सा शिक्षा संबंधी नियमों के अनुसार संचालित होगी।

सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

पिथौरागढ़ उत्तराखंड का महत्वपूर्ण सीमांत जिला है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्वतीय क्षेत्रों में लंबी दूरी के कारण कई बार लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मेडिकल कॉलेज के पूर्ण विकास और संचालन से क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।

इससे भविष्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता को भी मजबूती मिल सकती है।

छात्र-छात्राओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं से बातचीत की।

उन्होंने विद्यार्थियों के अनुभव सुने और कॉलेज की सुविधाओं तथा शैक्षणिक वातावरण से संबंधित सुझाव प्राप्त किए।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा में बेहतर बुनियादी ढांचे और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाओं के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज का विकास विद्यार्थियों की जरूरतों और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।

उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा संस्थानों का विकास स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर भी पैदा करता है।

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज इसी दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है।

इसके संचालन से जिले और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने से सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के विकास से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

भविष्य में मेडिकल कॉलेज से प्रशिक्षित चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में योगदान दे सकेंगे।

हालांकि, इन सुविधाओं का पूरा लाभ कॉलेज के शैक्षणिक और चिकित्सा संबंधी संसाधनों के विकास के साथ ही मिल सकेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मेडिकल कॉलेज निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल और विधायक फकीर राम टम्टा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि संस्थान की सुविधाओं का समय पर विस्तार हो सके।

पिथौरागढ़ के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम

बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पिथौरागढ़ में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत हुई है।

यह संस्थान भविष्य में स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज के शेष निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

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