पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर खड़गे की कथित टिप्पणी से भड़के सीएम धामी, कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कथित टिप्पणी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी और अखिलेश यादव के गठबंधन को भी निशाने पर लिया।
देहरादून, 26 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति के परिवार और दिवंगत परिजनों को लेकर की जाने वाली टिप्पणियां उचित नहीं हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर रहने के कारण पार्टी के नेताओं की भाषा और राजनीतिक व्यवहार में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक गठबंधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीति पर निशाना साधते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के राजनीतिक दृष्टिकोण की चर्चा की।
हालांकि खड़गे की कथित टिप्पणी के सटीक शब्द और उसका पूरा संदर्भ उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है। इसलिए विवाद को मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया और आरोपों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी पर धामी की कड़ी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी पर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियों की सीमा पार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं को अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए।
धामी ने इस विवाद को केवल एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि कांग्रेस की व्यापक राजनीतिक सोच और कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों पर बहस करनी चाहिए और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।
सत्ता से बाहर होने की वजह से कांग्रेस की भाषा बिगड़ी: धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के कारण पार्टी के नेताओं में राजनीतिक हताशा बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी नीतियां और कार्यक्रम सामने रखने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता सकारात्मक राजनीतिक बहस के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों और विवादित बयानों का सहारा ले रहे हैं।
धामी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता ही अंतिम निर्णय करती है और राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
उनकी इस प्रतिक्रिया को कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी निशाना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के राजनीतिक गठबंधन का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों राज्यों की जनता अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर सजग है।
उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीतिक साझेदारी की आलोचना करते हुए दावा किया कि जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी, जो उनके अनुसार सामाजिक सम्मान और राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध हो।
हालांकि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री के इस विशेष बयान पर किसी प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
उत्तराखंड के सम्मान से समझौता नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की पहचान और राज्य के लोगों के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अपने स्वाभिमान को लेकर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रवादी सोच का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोग देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के बीच अंतर समझती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राजनीतिक दलों को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सम्मान को मजबूती मिले।
व्यक्तिगत टिप्पणियों पर फिर गरमाई राजनीति
भारतीय राजनीति में नेताओं के व्यक्तिगत जीवन और परिवार से जुड़ी टिप्पणियां समय-समय पर विवाद का विषय बनती रही हैं।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता ऐसी टिप्पणियों को लेकर एक-दूसरे की आलोचना करते रहे हैं।
लोकतंत्र में सरकार की नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और सार्वजनिक कार्यों की आलोचना करना राजनीतिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लेकिन किसी नेता के परिवार या दिवंगत परिजनों को राजनीतिक बहस में शामिल करने को लेकर अक्सर नैतिक और राजनीतिक सवाल उठते हैं।
मौजूदा विवाद में भी मुख्य प्रश्न राजनीतिक अभिव्यक्ति की मर्यादा और सार्वजनिक संवाद के स्तर से जुड़ा हुआ है।
हालांकि किसी कथित बयान का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए उसके मूल शब्दों और पूरे संदर्भ की जानकारी आवश्यक होती है।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच बढ़ती राजनीतिक तकरार
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक मतभेद लगातार सामने आते रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी लंबे समय से जारी हैं।
कांग्रेस केंद्र सरकार की नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाती रही है।
दूसरी ओर बीजेपी कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति, नेतृत्व और पूर्ववर्ती सरकारों के कामकाज की आलोचना करती रही है।
अब प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता से जुड़ी कथित टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव का नया विषय बन गया है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी प्रतिक्रिया में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन करके चुनाव लड़ा था।
इस गठबंधन ने राज्य में महत्वपूर्ण चुनावी सफलता हासिल की थी।
समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने छह लोकसभा सीटें जीती थीं।
वहीं बीजेपी को 33 सीटें मिली थीं।
इसके बाद उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को एक साथ निशाने पर लेने को इसी व्यापक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखा जा सकता है।
उत्तराखंड में भी कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी।
पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार विभिन्न विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों को अपनी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
वहीं कांग्रेस राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कामकाज को लेकर समय-समय पर सवाल उठाती रही है।
ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व से जुड़ा कोई भी बड़ा राजनीतिक विवाद उत्तराखंड की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन सकता है।
मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया को इसी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत सम्मान पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत सम्मान की सीमाओं पर बहस को सामने ला दिया है।
राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
लेकिन सार्वजनिक जीवन में नेताओं की भाषा और व्यवहार का प्रभाव व्यापक समाज पर भी पड़ता है।
ऐसे में राजनीतिक संवाद में तथ्यों, नीतियों और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस अध्यक्ष की कथित टिप्पणी को लेकर इसी राजनीतिक मर्यादा का मुद्दा उठाया है।
हालांकि विवाद में संबंधित सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और मूल बयान का संदर्भ सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
आगामी चुनावों से पहले तेज हो रही बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तराखंड में भी अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में निर्धारित है।
ऐसे में दोनों राज्यों में राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीतियों के तहत जनता तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी भी प्रमुख विपक्षी दल के रूप में सक्रिय है।
आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया गया हमला भी इसी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच सामने आया है।
क्या कांग्रेस की ओर से आएगा जवाब?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया के बाद अब कांग्रेस के रुख पर भी नजर रहेगी।
इस विवाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित बयान का पूरा संदर्भ महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस की ओर से किसी स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया के सामने आने पर विवाद की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इस विशेष प्रतिक्रिया के संबंध में कांग्रेस नेतृत्व का पुष्ट जवाब शामिल नहीं है।
इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि विवाद आगे किस दिशा में जाएगा।
राजनीतिक मर्यादा को लेकर फिर छिड़ी बहस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कथित टिप्पणी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक मर्यादा के प्रश्न को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे आरोप लगाए और राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव के राजनीतिक गठबंधन को भी निशाने पर लिया।
उन्होंने उत्तराखंड के सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रवादी सोच का उल्लेख करते हुए राजनीतिक दलों से सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
कुल मिलाकर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता से जुड़ी कथित टिप्पणी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। हालांकि विवादित टिप्पणी के सटीक शब्द और पूरे संदर्भ की पुष्टि आवश्यक है। आने वाले दिनों में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं से इस राजनीतिक विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

