दिल्ली में कांग्रेस के ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने पर सियासी घमासान, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की महारैली
Congress Gyanesh Kumar Public Impeachment: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में विवाद बढ़ गया है। केसी वेणुगोपाल ने अनुमति नहीं मिलने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ के नारे के साथ INDIA गठबंधन की महारैली प्रस्तावित है।
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रस्तावित ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस की ओर से कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पहले अशोका होटल में कार्यक्रम करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद रामलीला मैदान को विकल्प के रूप में चुना गया। कांग्रेस के मुताबिक, वहां भी कार्यक्रम आयोजित करने में बाधा सामने आई है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।
अशोका होटल के बाद रामलीला मैदान में कार्यक्रम को लेकर विवाद
कांग्रेस के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम के लिए पहले दिल्ली के अशोका होटल में आयोजन की तैयारी की गई थी। पार्टी का दावा है कि वहां कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं मिल सकी।
इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई। हालांकि, पार्टी के अनुसार वहां भी मंजूरी नहीं मिलने से आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करना है।
केसी वेणुगोपाल का केंद्र सरकार पर हमला
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम की अनुमति को लेकर पैदा हुए विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के लोकतांत्रिक विरोध को रोकने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाना किसी भी राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है।
वेणुगोपाल ने संकेत दिया कि अनुमति संबंधी बाधाओं के बावजूद कांग्रेस अपने विरोध कार्यक्रम को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है।
‘अमित शाह या प्रधानमंत्री मोदी के घर पर भी कर सकते हैं कार्यक्रम’
कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थान के सवाल पर केसी वेणुगोपाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जानती है कि उसे यह कार्यक्रम कहां आयोजित करना है।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर भी कार्यक्रम करने की बात कही।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
30 अक्टूबर को प्रस्तावित है ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम
कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘सार्वजनिक महाभियोग’ आयोजित करने की योजना बनाई है।
इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे उठाएंगे।
कांग्रेस के अनुसार, इस आयोजन में संसद की कार्यवाही की तर्ज पर प्रतीकात्मक प्रक्रिया के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जनता के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा।
हालांकि, यह वास्तविक संवैधानिक महाभियोग नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की कानूनी प्रक्रिया संसद से जुड़ी है। प्रस्तावित कार्यक्रम का उद्देश्य राजनीतिक विरोध दर्ज कराना है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित करने की योजना बरकरार है।
‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित होने वाली इस महारैली में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
कांग्रेस ने रैली में लगभग 10 लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। हालांकि, यह पार्टी का दावा है और वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों से रैली में शामिल होने की अपील की है। पार्टी ने अपने सांसदों और विभिन्न राज्यों के संगठन पदाधिकारियों को भी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं।
21 राजनीतिक दलों की भागीदारी की तैयारी
केसी वेणुगोपाल के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम में करीब 21 राजनीतिक दलों के शामिल होने की योजना है।
विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर एक साझा राजनीतिक मंच तैयार करना चाहते हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग उठाई
इस विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
दिल्ली के व्यापारियों की ओर से महारैली के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताए जाने पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ज्ञानेश कुमार को पद से हटा दे, तो विरोध प्रदर्शन समाप्त किया जा सकता है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
दिल्ली के व्यापारियों ने महारैली पर जताई चिंता
एक ओर कांग्रेस 1 नवंबर की महारैली को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली के कुछ व्यापारी संगठनों ने कार्यक्रम के कारण यातायात और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने रामलीला मैदान के आसपास स्थित थोक बाजारों में संभावित व्यवधान को लेकर चिंता व्यक्त की है।
संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के आने और संभावित यातायात प्रतिबंधों से बाजारों में ग्राहकों तथा माल की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
व्यापारी संगठन ने कार्यक्रम को किसी वैकल्पिक स्थान पर आयोजित करने या इसकी तारीख पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
हालांकि, कांग्रेस ने महारैली आयोजित करने के अपने फैसले को बरकरार रखा है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां
महारैली के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। बैठक में कानून-व्यवस्था, संभावित विरोध प्रदर्शनों और भीड़ प्रबंधन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों को कम से कम असुविधा होने देने की चुनौती रहेगी।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बहस तेज
कांग्रेस और INDIA गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
विपक्ष चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित राजनीतिक अभियान ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की भूमिका और स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अब कांग्रेस के अगले फैसले पर टिकी निगाहें
दिल्ली में कार्यक्रम की अनुमति को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
केसी वेणुगोपाल ने संकेत दिया है कि विपक्ष 30 अक्टूबर के प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम के लिए वैकल्पिक स्थान तय कर सकता है और इसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
वहीं, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली को लेकर कांग्रेस अपनी तैयारियां जारी रखे हुए है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का अभियान अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष का यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार तथा संबंधित संस्थाओं की ओर से इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

