15वीं उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में 150 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, दून जिम्नास्टिक अकादमी, सेंट जॉर्ज और शेरवुड कॉलेज ने जीती ट्रॉफियां
देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप 2026 में खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन, समृद्धि शर्मा और शनाया सुधांशु ने जीते तीन-तीन स्वर्ण पदक
देहरादून, 27 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवा खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 15वीं उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता-2026 का भव्य आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और जिम्नास्टिक अकादमियों से आए कुल 150 बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा, तकनीकी कौशल और खेल क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में जिम्नास्टिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
दून जिम्नास्टिक अकादमी, सेंट जॉर्ज कॉलेज और शेरवुड कॉलेज ने जीती ट्रॉफियां
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों और खेल अकादमियों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग में दून जिम्नास्टिक अकादमी, देहरादून ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।
वहीं, बालक वर्ग में सेंट जॉर्ज कॉलेज, मसूरी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता की ओवरऑल टीम ट्रॉफी शेरवुड कॉलेज, नैनीताल ने अपने नाम की।
तीनों संस्थानों के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल कौशल के दम पर प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
समृद्धि शर्मा और शनाया सुधांशु ने जीते तीन-तीन स्वर्ण पदक
प्रतियोगिता में व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर भी कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सब-जूनियर कैटेगरी में समृद्धि शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक जीतकर विशेष उपलब्धि हासिल की।
इसी प्रकार मिनी-2 कैटेगरी में शनाया सुधांशु ने भी तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में विशेष आकर्षण पैदा किया।
इन उपलब्धियों ने यह साबित किया कि उत्तराखण्ड में जिम्नास्टिक खेल के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलने पर प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
प्रतियोगिता में 150 बालक-बालिका खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
जिम्नास्टिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के महासचिव प्रमोद चौधरी ने बताया कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 150 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और जिम्नास्टिक अकादमियों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में अपनी तकनीकी दक्षता, संतुलन, लचीलापन और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि बालकों की तुलना में बालिकाओं की भागीदारी अधिक रही। बालिका खिलाड़ियों ने न केवल बड़ी संख्या में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, बल्कि अपने शानदार प्रदर्शन से भी प्रभावित किया।
प्रदेश के प्रमुख विद्यालयों और अकादमियों ने दिखाई खेल प्रतिभा
15वीं उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में प्रदेश के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों एवं खेल अकादमियों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
इनमें सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी, दून इंटरनेशनल स्कूल देहरादून, ओएसिस स्कूल, सेंट जोसेफ्स अकादमी देहरादून, सन वैली स्कूल देहरादून, पतंजलि गुरुकुलम स्कूल हरिद्वार, माउंट फोर्ट अकादमी, द एशियन स्कूल, हिलग्रेंज स्कूल, कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी, शेरवुड कॉलेज नैनीताल और दून जिम्नास्टिक अकादमी देहरादून शामिल रहे।
इन संस्थानों से आए खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में अपनी तैयारी और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। विभिन्न विद्यालयों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
बालिकाओं की अधिक भागीदारी बनी प्रतियोगिता की खास पहचान
इस वर्ष आयोजित प्रतियोगिता में बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। आयोजकों के अनुसार बालकों की अपेक्षा अधिक संख्या में बालिकाओं ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और विभिन्न वर्गों में अच्छा प्रदर्शन किया।
बालिकाओं की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में खेलों के प्रति बदलते दृष्टिकोण और जिम्नास्टिक जैसे तकनीकी खेलों में उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार जिम्नास्टिक एक ऐसा खेल है, जिसमें शारीरिक संतुलन, लचीलापन, एकाग्रता, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कम उम्र से उचित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ी इस खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
उत्तराखण्ड में जिम्नास्टिक को बढ़ावा देना प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखण्ड में जिम्नास्टिक खेल को प्रोत्साहित करना और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में अपनी क्षमता का आकलन करने का अवसर देती हैं। इससे खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यालयों और खेल अकादमियों को भी अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
उत्तराखण्ड में खेलों के विकास की दृष्टि से इस प्रकार की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का विशेष महत्व है। जिम्नास्टिक जैसे खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास, प्रशिक्षित कोच, आधुनिक खेल उपकरण और उचित सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। साथ ही इन आयोजनों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलता है।
15वीं उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता-2026 में 150 खिलाड़ियों की भागीदारी और बालिका खिलाड़ियों का उत्साहजनक प्रदर्शन प्रदेश में इस खेल के प्रति बढ़ती रुचि का सकारात्मक संकेत है।
युवा खिलाड़ियों की सफलता से खेल जगत में उत्साह
प्रतियोगिता में दून जिम्नास्टिक अकादमी, सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी और शेरवुड कॉलेज नैनीताल की ट्रॉफी जीतने की उपलब्धि के साथ ही समृद्धि शर्मा और शनाया सुधांशु के तीन-तीन स्वर्ण पदक विशेष आकर्षण रहे।
इस आयोजन ने उत्तराखण्ड के युवा जिम्नास्टों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी और शानदार प्रदर्शन से प्रदेश में जिम्नास्टिक के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
15वीं उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता-2026 ने यह संदेश दिया कि निरंतर अभ्यास, बेहतर प्रशिक्षण और उचित अवसर मिलने पर उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ी जिम्नास्टिक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

