UP Minimum Wages Hike 2026: यूपी में बढ़ी न्यूनतम मजदूरी, नोएडा-गाजियाबाद समेत जानें नई दरें
UP Minimum Wages Hike 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों को महंगाई से राहत देने के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की है। प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ मिलेगा। नई दरों के तहत गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है। वहीं, प्रदेश के अन्य नगर निगम वाले जिलों और बाकी जिलों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में भी वृद्धि की गई है।
नोएडा और गाजियाबाद में कितनी बढ़ी मजदूरी?
उत्तर प्रदेश सरकार के नए फैसले के तहत गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है।
इस तरह इन जिलों में अकुशल श्रमिकों को हर महीने पहले के मुकाबले 193.59 रुपये अधिक मिलेंगे। नोएडा और गाजियाबाद में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, कंपनियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। ऐसे में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी से यहां काम करने वाले श्रमिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
दूसरे नगर निगम वाले जिलों में नई मजदूरी दरें
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगम वाले जिलों में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है। इन क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,006 रुपये से बढ़ाकर नई निर्धारित दर के अनुसार की गई है।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन उपलब्ध कराना है। नई दरों से औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के बाकी जिलों में कितनी मिलेगी मजदूरी?
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में भी बढ़ोतरी की गई है। इन जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए अलग न्यूनतम वेतन दर निर्धारित होती है।
हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों और क्षेत्रों के लिए लागू सटीक नई दरों की पुष्टि संबंधित सरकारी अधिसूचना से करना जरूरी है। श्रमिकों को अपने क्षेत्र और काम की श्रेणी के अनुसार लागू न्यूनतम मजदूरी की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों को मिलेगा लाभ
योगी सरकार ने प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की है। अनुसूचित नियोजनों के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठानों और कार्यक्षेत्रों में निर्धारित नियमों के अनुसार श्रमिकों को न्यूनतम वेतन देना आवश्यक होता है।
न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का उद्देश्य श्रमिकों की आय में सुधार करना और महंगाई के प्रभाव को कम करने में मदद करना है। इससे निर्माण, औद्योगिक गतिविधियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले पात्र श्रमिकों को लाभ मिल सकता है।
श्रमिकों को क्या करना चाहिए?
श्रमिकों को अपनी मासिक मजदूरी की जांच करनी चाहिए कि उन्हें निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार भुगतान किया जा रहा है या नहीं। यदि किसी श्रमिक को लागू सरकारी दर से कम मजदूरी मिलती है, तो वह संबंधित श्रम विभाग में शिकायत कर सकता है।
नियोक्ताओं को भी नई न्यूनतम मजदूरी दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करना होगा। श्रमिकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उनकी मजदूरी किस क्षेत्र, श्रेणी और नियोजन के अंतर्गत आती है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने श्रमिकों को राहत देने के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की है। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य नगर निगम वाले जिलों और बाकी क्षेत्रों में भी मजदूरी दरों में वृद्धि की गई है। नई दरों से प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

