नोएडा में एंबुलेंस को जाम से मिलेगी राहत, पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन फास्ट’, 12 किमी का सफर 10 मिनट में
गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने की पहल, 24 घंटे सक्रिय रहेगा एंबुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल
नोएडा। गौतमबुद्धनगर में एंबुलेंस को ट्रैफिक जाम से बचाने और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन फास्ट’ शुरू किया है। इस विशेष व्यवस्था का उद्देश्य एंबुलेंस के रास्ते में आने वाली यातायात संबंधी बाधाओं को कम करना और जरूरत पड़ने पर ग्रीन कॉरिडोर जैसी सुविधा उपलब्ध कराना है।
इस अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला विशेष एंबुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल बनाया गया है। इसके माध्यम से एंबुलेंस की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार संबंधित मार्ग पर यातायात को नियंत्रित कर रास्ता साफ कराया जाएगा।
एंबुलेंस के लिए तुरंत खाली कराया जाएगा रास्ता
ऑपरेशन फास्ट के तहत एंबुलेंस की सूचना मिलते ही संबंधित मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया जाएगा। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले रास्ते को खाली कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल का अस्थायी प्रबंधन किया जाएगा और दूसरे वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।
इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर मरीजों और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचने में अनावश्यक देरी न हो।
12 किलोमीटर का सफर करीब 10 मिनट में पूरा
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन फास्ट के तहत किए गए ट्रायल में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के जरिए एंबुलेंस के सफर का समय कम करने में सफलता मिली। ट्रायल के दौरान चिल्ला बॉर्डर से मैक्स हॉस्पिटल और फोर्टिस हॉस्पिटल तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी लगभग 10 मिनट में तय की गई।
इससे उम्मीद है कि व्यस्त सड़कों पर भी एंबुलेंस को समय रहते रास्ता उपलब्ध कराया जा सकेगा।
24 घंटे मिलेगी ट्रैफिक सहायता
एंबुलेंस की आवाजाही को आसान बनाने के लिए विशेष सुविधा सेल 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9218891716 जारी किया गया है। जरूरत पड़ने पर इस नंबर के माध्यम से एंबुलेंस के लिए ट्रैफिक सहायता मांगी जा सकती है।
सड़क हादसों में मौतें कम करने की कोशिश
गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह पहल जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और घायलों को गोल्डन आवर के दौरान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करना है।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि सड़क पर एंबुलेंस दिखाई देने पर उसे तुरंत रास्ता दें। एंबुलेंस को रास्ता देना केवल यातायात नियमों का पालन नहीं, बल्कि किसी की जान बचाने में मदद करना भी है।

