आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करता रहूंगा: पीएम मोदी, गुजरात से कांग्रेस पर साधा निशाना
बनासकांठा में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का किया उद्घाटन, बोले- दुनिया में 3000 रुपये का यूरिया भारत के किसानों को 300 रुपये से भी कम में मिल रहा
भिलडी (गुजरात), 30 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलडी कस्बे में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए संकल्प लिया कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका जीवन देशवासियों की सेवा के लिए समर्पित है और तमाम चुनौतियों के बावजूद वह इस रास्ते पर चलते रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश किसी संकट का सामना करता है, तब विपक्षी दल खुशियां मनाते हैं और देश की परेशानियों को राजनीतिक अवसर के रूप में देखते हैं।
आखिरी सांस तक जनता की सेवा करता रहूंगा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा में कहा, “जीवन के अंतिम क्षण तक मैं जनता की सेवा में ही जुटा रहूंगा।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद जारी है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की जनता का विश्वास और समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य देश को मजबूत बनाना और हर वर्ग के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश किसी मुश्किल परिस्थिति से गुजरता है, तो विपक्ष को देश के साथ खड़ा होना चाहिए, लेकिन कुछ राजनीतिक दल ऐसी परिस्थितियों में भी राजनीति करने से पीछे नहीं हटते।
पश्चिम एशिया के संघर्ष का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर अलग-अलग देशों की अर्थव्यवस्थाओं और आम लोगों के जीवन पर पड़ सकता है।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जब भारत के सामने कोई संकट आता है, तो कुछ विपक्षी दल देश की चिंता करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय देश को एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
कांग्रेस पर किसानों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर किसानों के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर डर और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने किसानों के मन में यह आशंका पैदा करने की कोशिश की कि उन्हें खाद मिलना बंद हो जाएगा।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर लंबी कतारें लगवाई गईं और लोगों के बीच अफवाहें फैलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
दुनिया में 3000 रुपये का यूरिया, भारत में 300 रुपये से भी कम
प्रधानमंत्री ने यूरिया की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में यूरिया के एक बोरे की कीमत करीब 3,000 रुपये तक पहुंच जाती है, जबकि भारत के किसानों को यही यूरिया 300 रुपये से भी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को राहत देने के लिए खाद पर सब्सिडी दे रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद भारतीय किसानों पर उसका सीधा आर्थिक बोझ न पड़े।
पीएम मोदी ने कहा कि किसानों की लागत कम करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विपक्ष पर किसानों के बीच गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है।
भिलडी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलडी कस्बे में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।
इस केंद्र का संबंध गोवंश की नस्लों के विकास, प्रजनन और अनुसंधान से है। पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने और बेहतर नस्लों के विकास के लिहाज से इस तरह के केंद्रों को महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे को राज्य में कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीएम मोदी का सेवा का संकल्प
गुजरात की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर जनता की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और चुनौतियां उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं।
कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने किसानों, खाद की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी के इस संबोधन के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

