तमिलनाडु में सरकारी नौकरी की उम्र सीमा 5 साल बढ़ी, CM विजय के फैसले से युवाओं को बड़ी राहत
Tamil Nadu Government Jobs: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा पांच साल बढ़ाने का फैसला किया है। नई व्यवस्था 30 अक्टूबर 2026 से अगले पांच साल तक लागू रहेगी। इससे ग्रुप-1, ग्रुप-2, ग्रुप-2ए और ग्रुप-4 समेत विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा।
सरकारी नौकरी के लिए अब पांच साल अधिक मिलेगा मौका
तमिलनाडु सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की मांग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। कई अभ्यर्थियों ने सरकार से अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने की मांग की थी, क्योंकि उम्र संबंधी नियमों के कारण वे सरकारी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर खो रहे थे।
मुख्यमंत्री विजय ने इस मांग पर विचार करते हुए सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट देने का आदेश दिया है। यह राहत पहले से लागू उम्र सीमा और आरक्षित वर्गों को मिलने वाली मौजूदा छूट के अतिरिक्त होगी।
सरकार के इस फैसले से उन युवाओं को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जो कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं।
ग्रुप-1 भर्ती में कितनी बढ़ी उम्र सीमा?
तमिलनाडु सरकार के नए नियमों के अनुसार, ग्रुप-1 सेवाओं में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 32 साल से बढ़ाकर 37 साल कर दी गई है। वहीं, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 37 साल से बढ़ाकर 42 साल कर दी गई है।
दिव्यांग उम्मीदवारों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। सामान्य वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 42 साल से बढ़ाकर 47 साल कर दी गई है। वहीं, आरक्षित वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 47 साल से बढ़ाकर 52 साल कर दी गई है।
इस बदलाव से उन उम्मीदवारों को सरकारी सेवाओं में प्रवेश का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो उम्र सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
ग्रुप-2 और ग्रुप-2ए के उम्मीदवारों को भी राहत
ग्रुप-2 और ग्रुप-2ए सेवाओं के लिए भी अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी की गई है।
सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दी गई है। वहीं, सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवार अब 45 साल की उम्र तक आवेदन कर सकेंगे। पहले उनके लिए यह सीमा 40 साल थी।
आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए इन सेवाओं में पहले से लागू अधिकतम उम्र सीमा संबंधी छूट जारी रहेगी। सरकार के अनुसार, इन वर्गों के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारित नहीं है।
ग्रुप-4 भर्ती के नियमों में भी बदलाव
तमिलनाडु सरकार ने ग्रुप-4 सेवाओं के लिए भी उम्र सीमा में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा नहीं होगी।
वहीं, उच्च शैक्षणिक योग्यता नहीं रखने वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दी गई है।
पिछड़ा वर्ग (BC), पिछड़ा वर्ग मुस्लिम (BC-M), अति पिछड़ा वर्ग (MBC) और विमुक्त समुदाय (DNC) के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 32 साल से बढ़ाकर 37 साल कर दी गई है।
दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सामान्य वर्ग में अधिकतम उम्र सीमा 40 साल से बढ़ाकर 45 साल की गई है। वहीं, इन संबंधित आरक्षित श्रेणियों के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 42 साल से बढ़ाकर 47 साल कर दी गई है।
अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और निराश्रित विधवा श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 35 साल से बढ़ाकर 40 साल कर दी गई है। इन श्रेणियों के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए उम्र सीमा 45 साल से बढ़ाकर 50 साल की गई है।
आरक्षित वर्गों को पहले से मिल रही छूट भी जारी रहेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उम्र सीमा में पांच साल की नई छूट पहले से लागू नियमों के अतिरिक्त होगी। इसका मतलब है कि आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को पहले से मिलने वाली आयु संबंधी रियायतें समाप्त नहीं होंगी।
इस व्यवस्था में पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग मुस्लिम, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और निराश्रित विधवा श्रेणी के उम्मीदवार शामिल हैं।
हालांकि, अलग-अलग पदों और भर्ती श्रेणियों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता तथा अन्य पात्रता शर्तें लागू रहेंगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए नियमों की जांच करनी चाहिए।
30 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ फैसला
तमिलनाडु सरकार के अनुसार, उम्र सीमा में बढ़ोतरी का फैसला 30 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और यह व्यवस्था अगले पांच साल तक लागू रहेगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से राज्य के हजारों युवाओं को फायदा मिलेगा। खासकर उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो सरकारी नौकरी पाने के लिए लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उम्र सीमा के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका का सामना कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल होने के लिए अतिरिक्त समय और अवसर मिलेगा।

