अमेठी: राकेश प्रताप सिंह के बीजेपी में शामिल होने से गौरीगंज सीट पर चर्चा तेज, चंद्र प्रकाश मटियारी ने कही ये बात
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक राकेश प्रताप सिंह के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। उनके बीजेपी में शामिल होने के सदस्यता कार्यक्रम से पहले पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मटियारी का बयान सामने आया है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में गौरीगंज सीट से टिकट की दावेदारी को लेकर अपनी बात रखी।
चंद्र प्रकाश मटियारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में किसे टिकट दिया जाएगा, इसका फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि नेतृत्व उनके काम और क्षेत्र में किए गए प्रयासों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगा।
मटियारी ने कहा- पार्टी में नेताओं का आना सामान्य प्रक्रिया
चंद्र प्रकाश मटियारी ने बीजेपी में नए नेताओं के शामिल होने को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी का कुनबा बढ़ रहा है। साथ ही, उन्होंने विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की तैयारी है और आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए पार्टी कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे।
गौरीगंज सीट पर टिकट को लेकर क्या बोले मटियारी?
गौरीगंज विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी के सवाल पर मटियारी ने कहा कि उम्मीदवार तय करने का अधिकार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास है। उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्र में उनके काम और समर्पण को देखते हुए नेतृत्व उनके पक्ष में फैसला करेगा।
मटियारी ने यह भी कहा कि वह गौरीगंज क्षेत्र में लगातार काम करते रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उनके प्रयासों को ध्यान में रखेगी। हालांकि, बीजेपी की ओर से इस सीट पर उम्मीदवार को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है।
राकेश प्रताप सिंह की एंट्री से बदलेगा राजनीतिक समीकरण?
राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं। वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के बाद सपा से उनके संबंधों में तनाव बढ़ा था। बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
अब उनके बीजेपी में शामिल होने के कार्यक्रम के बीच गौरीगंज सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मटियारी भी इस सीट से दावेदार हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व किसे उम्मीदवार बनाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
फिलहाल, मटियारी ने टिकट के फैसले को पार्टी नेतृत्व पर छोड़ते हुए अपने काम और समर्पण पर भरोसा जताया है।

