IND vs WI: तिलक वर्मा की एक गलती से शाई होप ने आखिरी गेंद पर जड़ा शतक, 50 गेंदों में बनाए नाबाद 102 रन
हैदराबाद। भारत और वेस्टइंडीज के बीच हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में कैरेबियाई कप्तान शाई होप ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया। वेस्टइंडीज की पारी की आखिरी गेंद पर भारतीय फील्डर तिलक वर्मा से हुई एक चूक ने शाई होप को शतक पूरा करने का मौका दे दिया। तिलक कैच पकड़ने में नाकाम रहे और गेंद सीमा रेखा के पार छह रन के लिए चली गई। इस तरह शाई होप ने पारी की अंतिम गेंद पर अपना शतक पूरा किया।
शाई होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में चौकों और छक्कों का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। दूसरी ओर, शेरफेन रदरफोर्ड ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पारी को मजबूती दी। वह 26 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के की मदद से नाबाद 49 रन बनाकर लौटे।
आखिरी गेंद पर तिलक वर्मा से हुई बड़ी चूक
मुकाबले का सबसे चर्चित पल वेस्टइंडीज की पारी की आखिरी गेंद पर आया। शाई होप अपने शतक से कुछ रन दूर थे और उनके पास पारी की अंतिम गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का मौका था। गेंद हवा में गई और तिलक वर्मा ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन तेज स्टेडियम लाइटों के बीच वह गेंद को ठीक से देख और जज नहीं कर पाए।
गेंद उनके हाथों के ऊपर से निकल गई और सीधे बाउंड्री के पार चली गई। नतीजा यह हुआ कि वेस्टइंडीज के खाते में छह रन जुड़ गए और शाई होप का शतक भी पूरा हो गया।
यह कैच भारतीय टीम के लिए अहम साबित हो सकता था, क्योंकि इसे पकड़ने पर होप को शतक से रोकने का मौका मिल सकता था। हालांकि, क्रिकेट में ऐसे मौके कभी-कभी बेहद मुश्किल होते हैं और फील्डर की छोटी-सी चूक भी मैच का बड़ा चर्चा का विषय बन जाती है।
शाई होप ने खेली कप्तानी पारी
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाते हुए भारतीय गेंदबाजी पर दबाव बनाए रखा। उनकी पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने आखिरी गेंद तक अपना ध्यान बनाए रखा और नाबाद 102 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
इस शतक के साथ शाई होप ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास उपलब्धि भी हासिल की। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में तीन शतक लगाने वाले पहले वेस्टइंडीज बल्लेबाज बने। उनकी इस उपलब्धि ने कैरेबियाई टीम के लिए मुकाबले को और यादगार बना दिया।
शेरफेन रदरफोर्ड ने भी दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी
शाई होप के अलावा शेरफेन रदरफोर्ड ने भी भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया। उन्होंने केवल 26 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और तीन छक्के शामिल रहे।
दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाए और वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय गेंदबाजों के लिए रन रोकना मुश्किल साबित हुआ।
वेस्टइंडीज ने भारत को दिया 248 रन का लक्ष्य
हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत करते हुए भारतीय टीम पर दबाव बना दिया।
शाई होप की शतकीय पारी और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के तेज योगदान की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 248 रन का बड़ा लक्ष्य रखा। भारतीय गेंदबाजों को पूरे मैच में रन गति पर नियंत्रण रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
तिलक वर्मा की चूक बनी मैच का बड़ा चर्चा का विषय
इस मुकाबले में तिलक वर्मा की आखिरी गेंद पर हुई चूक सोशल मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कैच छूटने के बाद शाई होप को न सिर्फ जीवनदान मिला, बल्कि उन्हें छक्का लगाकर अपना शतक पूरा करने का मौका भी मिल गया।
हालांकि, किसी एक फील्डिंग चूक से पूरे मैच का नतीजा तय नहीं माना जा सकता। क्रिकेट में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग के कई पहलू मिलकर टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। फिर भी, इस मुकाबले में आखिरी गेंद का यह घटनाक्रम लंबे समय तक याद किया जा सकता है।
शाई होप की शानदार बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि टी20 क्रिकेट में आखिरी गेंद तक मुकाबले का रोमांच बना रहता है। वहीं, भारतीय टीम के लिए यह पारी गेंदबाजी और फील्डिंग में सुधार करने का एक अहम संकेत भी रही।

