News Bhadas 4 India
States

Ramdev on Asaduddin Owaisi UP Election 2027: Baba Ramdev Takes a Dig at Owaisi, Mentions CM Yogi Adityanath

यूपी चुनाव 2027: ओवैसी पर बाबा रामदेव का बड़ा तंज, बोले- उनके चुनाव लड़ने से योगी आदित्यनाथ को होगा फायदा

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी रणनीति पर योग गुरु रामदेव की प्रतिक्रिया, कहा- वोटों के बंटवारे से बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण; ओवैसी ने भाजपा को रोकने के लिए विपक्ष को दिया गठबंधन का प्रस्ताव

संभल, 26 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सहित विभिन्न राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की उत्तर प्रदेश में चुनावी सक्रियता को लेकर बड़ा बयान दिया है।

बाबा रामदेव ने ओवैसी पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका चुनाव लड़ना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। रामदेव के अनुसार, ओवैसी की पार्टी के चुनावी मैदान में उतरने से कुछ वर्गों के वोटों का बंटवारा हो सकता है, जिसका राजनीतिक लाभ योगी आदित्यनाथ को मिल सकता है।

उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में वोटों के बंटवारे और विपक्षी दलों की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

संभल में आर्य महासम्मेलन के दौरान रामदेव ने दिया बयान

योग गुरु बाबा रामदेव सोमवार को उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बबराला में आयोजित प्रांतीय आर्य महासम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उनसे AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी रणनीति और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर सवाल किया गया।

इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि ओवैसी दूसरे स्थानों के लिए अच्छे हों या न हों, लेकिन उत्तर प्रदेश के लिए बहुत अच्छे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि कुछ वर्गों के मतों में विभाजन होने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राजनीतिक फायदा हो सकता है।

रामदेव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ओवैसी उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी का राजनीतिक आधार बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भागीदारी की तैयारी कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के सवाल पर क्या बोले रामदेव?

मीडिया ने बाबा रामदेव से यह भी पूछा कि क्या वह योगी आदित्यनाथ को लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।

इस सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश का संचालन अच्छे लोगों के हाथों में हो।

उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती और वैदिक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन और समाज में अच्छे विचारों तथा नैतिक मूल्यों का प्रभाव होना चाहिए।

रामदेव ने किसी विशेष चुनाव परिणाम को लेकर स्पष्ट दावा करने के बजाय अच्छे नेतृत्व और आदर्श शासन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।

ओवैसी ने भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों को दिया गठबंधन का प्रस्ताव

दूसरी ओर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट कर दी है।

25 अक्टूबर को शामली जिले के कैराना में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

ओवैसी ने स्पष्ट किया कि AIMIM योगी आदित्यनाथ को लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहती।

उन्होंने विपक्षी दलों को गठबंधन का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यदि अन्य पार्टियों का उद्देश्य भी भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है, तो AIMIM उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

हालांकि, विपक्षी दलों के बीच किसी नए गठबंधन को लेकर अंतिम सहमति की पुष्टि नहीं हुई है।

अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर भी बरसे ओवैसी

कैराना की जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर अपेक्षित भूमिका नहीं निभा रही है।

उन्होंने आजमगढ़ और अन्य संसदीय क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए समाजवादी पार्टी में पारिवारिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए।

ओवैसी ने तंज कसते हुए समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर ‘समाजवादी यादव परिवार’ रखने की बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समाज को केवल मतदाता के रूप में नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व में भी उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।

मुस्लिम नेतृत्व और राजनीतिक भागीदारी का उठाया मुद्दा

AIMIM प्रमुख ने अपनी जनसभा में मुस्लिम समुदाय और अन्य कमजोर वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित समुदायों की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है।

ओवैसी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अल्पसंख्यक मतदाताओं का समर्थन तो चाहते हैं, लेकिन उनके नेतृत्व और प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य बड़े राजनीतिक दल बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं, तब उनके कारण वोटों के बंटवारे पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते, जबकि AIMIM के चुनाव लड़ने पर अक्सर ऐसी चर्चा होती है।

वोटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक बहस

उत्तर प्रदेश की राजनीति में AIMIM की चुनावी भूमिका को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण सामने आते रहे हैं।

बाबा रामदेव का मानना है कि ओवैसी की पार्टी के चुनाव लड़ने से कुछ मतदाता वर्गों के वोट विभाजित हो सकते हैं और इससे भाजपा को लाभ मिल सकता है।

इसके विपरीत, ओवैसी अपनी पार्टी की चुनावी भागीदारी को अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के स्वतंत्र राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़ते हैं।

हालांकि, किसी भी पार्टी की चुनावी मौजूदगी से किस दल को कितना फायदा या नुकसान होगा, इसका आकलन केवल बयानों के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह उम्मीदवारों, गठबंधन, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और मतदाताओं के फैसलों पर निर्भर करेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर भी रामदेव की प्रतिक्रिया

बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में नेताओं को भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।

रामदेव ने कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, किसी भी व्यक्ति को अपमानजनक और निम्नस्तरीय टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने राजनीतिक संवाद में संयम और शालीनता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सनातन धर्म में पाखंड और अंधविश्वास पर भी उठाए सवाल

राजनीतिक मुद्दों के अलावा बाबा रामदेव ने सनातन धर्म में बढ़ते दिखावे, पाखंड और अंधविश्वास को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आडंबर और अंधविश्वास से धर्म की छवि प्रभावित होती है।

रामदेव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग भगवान राम, कृष्ण, हनुमान और शिव के स्वरूपों तथा धार्मिक ग्रंथों और तीर्थस्थलों के नामों का गलत इस्तेमाल कर धर्म को बदनाम कर रहे हैं।

उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों का उल्लेख करते हुए एक ईश्वर की उपासना, सत्कर्म, माता-पिता और बड़ों के सम्मान तथा सामाजिक समानता के महत्व पर जोर दिया।

रामदेव ने कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच, अंधविश्वास और आपसी वैमनस्य को समाप्त करने की दिशा में प्रयास होने चाहिए।

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 पर सभी दलों की नजर

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ रही है।

भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है, जबकि विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ ही बहुजन समाज पार्टी तथा AIMIM की चुनावी रणनीतियां भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

ओवैसी की ओर से विपक्षी गठबंधन का प्रस्ताव और बाबा रामदेव की ओर से वोटों के संभावित बंटवारे पर की गई टिप्पणी ने इस बहस को नया आयाम दिया है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि AIMIM किन सीटों पर चुनाव लड़ेगी और क्या किसी विपक्षी दल के साथ उसका गठबंधन होगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ओवैसी और बाबा रामदेव के बयानों ने राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है। आने वाले समय में राजनीतिक दलों के गठबंधन, उम्मीदवारों के चयन और चुनावी कार्यक्रमों से प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होगी।

Related posts

UP MLC Election Counting 2026: Rebel BJP MLC Devendra Pratap Singh Writes Open Letter, Raises Questions Over Election Observer

bhadas4india

Noida Operation FAST: Police Launch 24-Hour Ambulance Traffic System

bhadas4india

Mathura Social Media Fraud: Man Arrested for Cheating Women, Gold and Silver Jewellery Worth Rs 30 Lakh Recovered

bhadas4india

Leave a Comment